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कान्दरबेड़ा में पेशा नियम के तहत विशेष ग्राम सभा, कोरम पूरा नहीं होने से ग्राम प्रधान चयनित प्रक्रिया पुरा नही हो पाया

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सरायकेला जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत कान्दरबेड़ा संस्कृत कला भवन में पेशा नियम के तहत आयोजित विशेष ग्राम सभा में ग्राम प्रधान के चयनित को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई, लेकिन कोरम पूरा नहीं होने के कारण स्थगित करना पड़ा।चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के कान्दरबेड़ा सांस्कृतिक कला भवन में रविवार को पेशा (PESA) नियम के तहत एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता इंद्र टूटू माझी बाबा ने की।संथाल में मांझी पारगाना व्यवस्था, बैठक में झारखंड सरकार द्वारा लागू पैशा नियम के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके तहत विभिन्न समुदायों के पारंपरिक प्रमुखों की भूमिका को स्पष्ट किया गया, जो ग्राम स्तर पर नेतृत्व और विकास कार्यों का संचालन करेंगे।पेशा नियम के अनुसार-हो समुदाय में मिलि-परगना,मुंडा मानकी समुदाय में दीउरी,खड़िया समुदाय में डो़कलो सीहोर,मुंडा समुदाय में हातू मेड़ा-पड़हा राजा-पंहान,उरांव समुदाय में महतो-पड़़हा बोल (राजा)-पंहान,-और भूमिज मुंडा समुदाय में सरदार-नया-हुआ को पारंपरिक ग्राम प्रमुख के रूप में मान्यता दी गई है ,इन्हीं पारंपरिक प्रमुखों को ग्राम प्रधान के रूप में मान्यता देते हुए गांव के विकास कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जानी है। हालांकि, ग्राम प्रधान के चुनाव को लेकर चर्चा की जानी थी, लेकिन कई चयनित सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण कोरम पूरा नहीं हो सका।इस वजह से ग्राम प्रधान का चयनित प्रक्रिया पूरा नहीं हो पाया और बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि चयनित के लिए नई तिथि संभवबत मंगलवार को तय होगी, ताकि सभी सदस्य अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकें।ग्राम सभा में यह भी तय किया गया कि अगली बैठक की सूचना सभी टोलों में मुनादी के माध्यम से दी जाएगी, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण भाग ले सकें। इस दौरान ग्राम सभा को और सशक्त बनाने तथा पैशा नियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।बैठक में विदु मुर्मू, बलराम टूटू, सोना मुर्मू, वॉकिंम सिंह सरदार, कुना हेंब्रम, रामू मार्डी, दिलीप माझी, सुनील, पगला मुर्मू, काली चरण सिंह, काला मुर्मू, कुतीलाहर, करमती महतो, उत्तरासिंह, माघमी सिंह, माधवी सिंह,पूर्व मुखिया बुधनी मुर्मू, रूपी मार्डी, एरोती माझी, सुनिता मुर्मू, मानी देवी, मगली हुडू, कलावती मुर्मू ,बाबू मुर्मू ,तानी मुर्मू,समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, कान्दरबेड़ा की यह ग्राम सभा पैशा नियम के तहत ग्राम स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।