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बाल विवाह अपराध, हो सकती है सजा : डालसा
14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत, तैयारी जोरों पर

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Arjun Kumar Pramanik……✍️

अनगड़ा(राँची) । झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष सुजित नारायण प्रसाद के निर्देश पर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन एवं सचिव राकेश रौशन की देखरेख में अनगड़ा प्रखंड क्षेत्र के गेतलसुद पंचायत भवन में बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय कार्रवाई के तहत नालसा द्वारा संचालित ‘आशा अभियान’ अंतर्गत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में एलएडीसी सहायक पंकज कुमार शर्मा, पीएलवी बेबी सिन्हा, मीना श्रीवास्तव, सुनिता कुमारी, मालती कुमारी, अनिल वर्मा तथा आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी के विधि के छात्र-छात्राएं रेशमी कुमारी, मनिषा कुमारी, पुष्पांजलि सिंह, आकृति बेसरा, रिया कुमारी, धनंजय कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे। एलएडीसी सहायक ने कहा कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। अभिभावक अपनी बच्चियों का विवाह 18 वर्ष की आयु के बाद ही करें। बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है । कार्यक्रम के दौरान पीएलवी द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची की ओर से प्रदान की जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी गई। साथ ही लोक अदालत, मध्यस्थता एवं प्री-लिटिगेशन मामलों के बारे में भी लोगों को अवगत कराया गया। टॉल फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी साझा की गई।
डालसा की पीएलवी टीम द्वारा आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी दी गई। बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए वादकारियों को न्यायालय के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं तथा पुलिस प्रशासन से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। सभी पीएलवी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में जागरूकता फैलाने हेतु पोस्टर एवं बैनर लगा रहे हैं तथा पम्पलेट एवं लिफलेट का वितरण कर रहे हैं, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक लंबित वादों का निस्तारण किया जा सके।

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