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बाल विवाह बच्चों के लिए अभिशाप है : पीएलवी

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Arjun Kumar Pramanik…….✍️

रांची । झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के नेतृत्व में चान्हो प्रखंड अंतर्गत बलसोकरा पंचायत भवन, चान्हो में बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय कार्रवाई के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) द्वारा संचालित आशा अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया । कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, सरकारी कर्मियों एवं पैनल लॉयर वॉलंटियर्स (पीएलवी) की सक्रिय सहभागिता रही। इस अवसर पर चान्हो के मुखिया, रोजगार सेवक सहित पीएलवी संजीव उरांव, सुमाती कुमारी, निलश्याम, हरिराम करमाली, अलमा एक्का समेत अन्य लोग उपस्थित थे। पीएलवी संजीव उरांव ने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की एवं 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह से बच्चों की शिक्षा बाधित होती है और उनका सर्वांगीण विकास रुक जाता है। पीएलवी निलश्याम ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाता है तथा इससे घरेलू हिंसा और दुर्व्यवहार की आशंका बढ़ जाती है। पीएलवी हरिराम करमाली ने जागरूकता बढ़ाने, लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने, कानून का सख्ती से पालन करने एवं बाल संरक्षण सेवाओं जैसे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग पर जोर दिया। पीएलवी अलमा एक्का ने उपस्थित लोगों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रखंड, पंचायत एवं अस्पतालों में पीएलवी की नियुक्ति की गई है, जिनसे आवश्यकता पड़ने पर नि:शुल्क विधिक सहायता ली जा सकती है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पीएलवी ने आगामी 14 मार्च 2026 को व्यवहार न्यायालय, रांची में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दिन वादकारी अपने मामलों का निःशुल्क एवं आपसी सहमति से निस्तारण करा सकते हैं। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के सचिव राकेश रौशन द्वारा दी गई।

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