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पटना : प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की देश को पैगाम : त्योहार पर सभी का मुंह मीठा और स्वदेशी मंत्र से आयेगी समृद्धि

संजय कुमार विनीत… ✍️

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(वरिष्ठ पत्रकार सह राजनीतिक विश्लेषक)

विश्व में मची उथल पुथल और अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संबंध के बीच प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीएसटी रिफॉर्म को लेकर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कल यानी 22 सितंबर से जीएसटी बचत उत्सव शुरू होने जा रहा है। इस मौके पर हर देशवासियों का मुंह मीठा होगा। विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए, आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलने की अनुरोध करते हुए भारत को आत्मनिर्भर बनाने की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी देश के मध्यम,लघु और कुटीर उधोग पर भी सौंपा। विश्व युद्ध ग्रहण के बीच देश को समृद्धि की ओर बढाने का सरकार का कदम सराहनीय कहा जा सकता है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नवरात्रि की पुर्व संध्या पर जीएसटी रिफॉर्म्स के मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ये नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स भारत की अर्थव्यवस्था को गति देंगे और देश के गरीबों, मध्यम वर्ग, युवाओं, महिलाओं, किसानों और उद्यमियों को इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि 22 सितंबर से प्रभावी होने जा रहीं नई जीएसटी दरें सिर्फ टैक्स में कटौती नहीं हैं, बल्कि ‘बचत उत्सव’ हैं जो दैनिक आवश्यक वस्तुओं की लागत को कम करेंगी और उपभोग-संचालित विकास को बढ़ावा देंगी। 

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इस बचत उत्सव से घर बनाना, इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना, स्कूटर या कार लेना और यात्रा करना सब आसान और सस्ता हो जाएग। जीएसटी कम होने से माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज को भी डबल फायदा होगा। उनकी बिक्री बढ़ेगी और टैक्स की बोझ कम होगा. यही देश की समृद्धि का आधार हैं।

पीएम ने कहा- हम ‘नागरिक देवो भव:’ के मंत्र पर चलते हुए आगे बढ़ रहे हैं और इसका प्रतिबिंब हम अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों में देख सकते हैं। अगर हम आयकर छूट और जीएसटी छूट को मिला दें तो एक साल में लिए गए फैसलों से देश के लोगों को 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत होगी और इसलिए मैं कहता हूं, यह बचत उत्सव है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि नए रिफॉर्म में अब केवल 5% और 18% टैक्स स्लैब होंगे। इसका मतलब है कि अधिकतर रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएंगी। खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, साबुन, ब्रश, पेस्ट, स्वास्थ्य और जीवन बीमा, ऐसी कई चीजें और सेवाएं या तो टैक्स-फ्री होंगी या फिर सिर्फ 5% टैक्स देना होगा। जिन चीजों पर पहले 12% टैक्स लगता था, उनमें से 99% चीजें अब 5% टैक्स के स्लैब में आ गई हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बचत उत्सव की प्रासंगिकता को स्पष्ट करते हुए कहा कि – हम ‘नागरिक देवो भव:’ के मंत्र पर चलते हुए आगे बढ़ रहे हैं और इसका प्रतिबिंब हम अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों में देख सकते हैं। अगर हम आयकर छूट और जीएसटी छूट को मिला दें तो एक साल में लिए गए फैसलों से देश के लोगों को 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत होगी और इसलिए मैं कहता हूं, यह बचत उत्सव है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राज्य सरकारों से आग्रह करते हुए कहा कि मेरा सभी राज्य सरकारों से भी आग्रह है कि आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी के इस अभियान के साथ अपने राज्यों में उत्पादन से जुड़ें और निवेश के लिए माहौल बनाएं। भारत का हर राज्य विकसित होगा जिससे भारत विकसित होगा। 

पिछले 11 वर्षों में देश के 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को मात देकर समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं, इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश के 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को मात दी है। गरीबी से उबरकर 25 करोड़ लोगों का एक बड़ा समूह नव-मध्यम वर्ग आज देश में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस नव-मध्यम वर्ग की अपनी आकांक्षाएं और सपने हैं।इस वर्ष सरकार ने 12 लाख रुपये तक की आय को कर-मुक्त करके एक तोहफा दिया है और स्वाभाविक रूप से जब 12 लाख रुपये तक की आयकर छूट मिलती है, तो मध्यम वर्ग के जीवन में एक गहरा बदलाव आता है, जिससे जीवन में बहुत सरलता और सुविधा आती है। अब गरीब, नव-मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग को दोहरा लाभ मिल रहा है। जीएसटी में कमी से देश के नागरिकों के लिए अपने सपने पूरे करना आसान हो जाएगा।

कल से शक्ति की उपासना का पर्व नवरात्रि का आरंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों को बहुत बहुत शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि के पहले दिन से देश आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए एक और महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठा रहा है। कल, यानी नवरात्रि के प्रथम दिवस 22 सितंबर को सूर्योदय के साथ  ही नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू हो जाएंगे। एक तरह से कल से देश में जीएसटी बचत उत्सव शुरू होने जा रहा है। इस जीएसटी बचत उत्सव में आपकी बचत बढ़ेगी और आप अपनी पसंद  की चीजों को और ज्यादा आसानी से खरीद पाएंगे। हमारे देश के गरीब, मध्यम वर्गीय लोग, मध्यम वर्ग, युवा, किसान, महिलाएं, युवा, दुकानदार, व्यापारी, उद्यमी सभी को इस बचत उत्सव का बहुत फायदा होगा।यानी, त्योहारों के इस मौसम में सभी का मन मीठा होगा।

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