
कार्तिक पूर्णिमा स्नान की तैयारी पूरी, बैकुंठ चतुर्दशी पर घर
और तुलसी स्थान सजे अल्पना से
सरायकेला। शुक्रवार को इस साल का दूसरा और आखरी चंद्र ग्रहण लगेगा। उक्त जानकारी देते हुए श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर सरायकेला के पुजारी पंचांग वाचक पंडित बृज मोहन शर्मा ने बताया है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में उपछाया ग्रहण के रूप में दिखेगा। जो शुक्रवार की सुबह 11:34 बजे से शुरू होकर शाम के 5:33 बजे समाप्त होगा। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वोत्तर राज्य सहित यूरोप, एशिया के अधिकांश हिस्सों में, उत्तर पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका और प्रशांत महासागर में दिखाई देगा। भारत में उपछाया ग्रहण होने के कारण सूतक काल मान्य नहीं होगा।
इधर शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा रास पूर्णिमा को लेकर श्रद्धालुओं द्वारा तैयारी की जा रही है। जिसके तहत बृहस्पतिवार को घरों की शुद्धता के साथ साफ सफाई कर तुलसी पिंडों एवं घरों के आंगन में शुद्ध चावल के लेप से आकर्षक अल्पना बनाया गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा स्नान के अवसर पर 5000 से अधिक संख्या में श्रद्धालु नदियों, तालाबों और स्थानीय जलाशयों में तड़के प्रातः कार्तिक पूर्णिमा स्नान करेंगे। जिसके बाद देव दर्शन एवं तुलसी पूजन के साथ भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा अर्चना करते हुए दान पुण्य करेंगे।

सरायकेला में अलौकिकता का प्रतीक है रास मंदिर:-
सरायकेला स्थित प्राचीन रास मंदिर में रास पूर्णिमा के अवसर पर श्री राधा कृष्ण के विशेष पूजन का कार्यक्रम किया जाएगा। इस अवसर पर पूरे दिन पूजा अर्चना के साथ साथ भजन एवं कीर्तन के कार्यक्रम स्थानीय भक्त मंडली द्वारा किया जाएगा। पूर्व के समय से मान्यता रही है कि दुर्गा मैदान स्थित प्राचीन रास मंदिर में मत्था टेकने पर कठिन समस्याओं का समाधान भी आसानी से हो जाता है। जिसे लेकर रास मंदिर में भक्तों की आस्था रही है।

