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गरीब एवं वंचित वर्ग को योजनाओं से जोड़ना ही मेगा कानूनी सशक्तिकरण शिविर का मूल उद्देश्य : डालसा सचिव

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Arjun Kumar Pramanik……✍️

राँची । झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर, सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना तथा न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के सचिव राकेश रौशन की देखरेख में 31 जनवरी 2026 को रांची जिला अंतर्गत सभी 18 प्रखंडों में एक साथ मेगा कानूनी सेवा-सह-सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन का लक्ष्य सामाजिक रूप से पिछड़े, आर्थिक रूप से कमजोर तथा योजनाओं से वंचित परिवारों को कानूनी सहायता एवं सरकारी लाभ उपलब्ध कराना रहा। इस अवसर पर श्रम, ग्रामीण विकास, शिक्षा, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा, मनरेगा सहित विभिन्न विभागों की जनोपयोगी योजनाओं के अंतर्गत सहायता सामग्री एवं परिसंपत्तियां पात्र व्यक्तियों को प्रदान की गईं, साथ ही संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई। अनगड़ा, बेड़ो, बुंडू, बुड़मू, ईटकी, कांके, खेलारी, मांडर, नगड़ी, नामकूम, ओरमांझी, राहे, रातू, सोनाहातू एवं तमाड़ क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता के साथ लाभ वितरण कार्यक्रम सम्पन्न कराया गया।
<span;>मांडर क्षेत्र में आयोजित प्रखंड स्तरीय कार्यक्रम में डालसा सचिव राकेश रौशन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान ग्राम न्यायालय मांडर के न्यायाधिकारी नुमान खान, एपीपी पंचम, एलएडीसी प्रमुख प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, उप प्रमुख एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, सहायक एलएडीसी पंकज कुमार शर्मा, बीरेंद्र प्रताप, अनूप कुमार, सौरभ पांडे, मनरेगा जेई आशुतोष सिंह, जेएसएलपीएस बीपीएम धीरेन्द्र सीधे, स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. किशोर कुल्लू, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अमित कुमार कुशवाहा, थाना प्रशासन के प्रतिनिधि तथा पीएलवी सुमन ठाकुर, प्रहलाद उपाध्याय, विनीता कुमारी, सोनी कुमारी, रेनु देवी, आफताब अंसारी, शामी अंसारी, तालिब अंसारी, कालेन्द्र गोप, पुष्पलता कुमारी, नीलश्याम, सुनीता देवी, उषा देवी, भूप्रताप महतो, सिकंदर मुंडा एवं निशांत निश्चल सहित अन्य लोग शामिल रहे। डालसा सचिव द्वारा जागरूकता स्टॉल का निरीक्षण कर उपस्थित नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता, परामर्श सुविधा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि समय-समय पर इस प्रकार की पहल के माध्यम से जरूरतमंद वर्ग तक सरकारी सहायता पहुंचाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। ग्राम न्यायालय मांडर के न्यायाधिकारी नुमान खान ने भी कार्यक्रम स्थल का भ्रमण करते हुए परिसंपत्तियों का वितरण किया।इस क्रम में यह जानकारी दी गई कि जिला प्रशासन के सहयोग से पात्र लाभार्थियों की पहचान कर संविधान के अनुच्छेद 39(ए) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं उप प्रमुख एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 तथा 14 मार्च 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंतर्गत मानवता, कर्तव्य, श्रमेव वन्दते, तृप्ति, चेतना, निरोगी भवः, आत्मनिर्भरता, शक्ति, डॉन, आशा, जागृति, संवाद एवं साथी जैसी योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया गया। इस आयोजन की विशेषता यह रही कि एक ही दिन पूरे रांची जिला में समन्वित रूप से गतिविधियां संचालित की गईं। पीएलवी द्वारा चिन्हित व्यक्तियों को मांडर क्षेत्र में 1158 मामलों में लगभग 7 करोड़ रुपये मूल्य की परिसंपत्तियां उपलब्ध कराई गईं, जबकि अन्य स्थानों पर लाखों लोगों को करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान की गई। ये वे परिवार थे जो अब तक विभिन्न कारणों से सरकारी सुविधाओं से वंचित रह गए थे। इस पहल के माध्यम से उन्हें न केवल कानूनी जानकारी मिली बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा गया।

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