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चाकुलिया: बच्चों के पढ़ने की क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से प्रथम एजुकेशन फाऊंडेशन आयोजित करेगी कमाल का समर कैंप

संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
पूरे भारत में शिक्षा पर काम करने वाली अग्रणी संस्था प्रथम एजुकेशन फाऊंडेशन अब झारखंड के लगभग सभी गांव में “कमाल का कैंप समर कैंप” आयोजित करने जा रही है. सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टी घोषित होने के बाद समर कैंप की शुरुआत होगी. इसी क्रम में शनिवार को चाकुलिया स्थित डायट परिसर में घाटशिला अनुमंडल क्षेत्र के सभी सीआरपी और बीआरपी को एकदिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. प्रथम एजुकेशन फाऊंडेशन स्किलिंग प्रोग्राम के राज्य प्रमुख बुलबुल कुमार दास तथा एजुकेशन प्रोग्राम के राज्य प्रमुख शैलेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि राज्य के सरकारी विद्यालयों के पांचवी और छठी कक्षा के बच्चे दूसरी और तीसरी कक्षा की हिंदी पुस्तक को पढ़ने में असमर्थ है. यह बात असर सर्वे की रिपोर्ट में सामने आई है. इन बच्चों की पढ़ने की क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से ही समर कैंप का आयोजन किया गया है. जिसमें भाषा का खेल, गणित का खेल के साथ-साथ अनुच्छेद और कहानी पढ़ने का अभ्यास कराया जाएगा. 6 सप्ताह के इस कैंप के माध्यम से बच्चों के पढ़ाई की क्षमता को विकसित करने का प्रयास किया जाएगा. प्रशिक्षण के दौरान प्रथम टीम से बुद्धदेव लोहार, दीपक कुमार, संतोष कुमार, कृष्णेंदु कुमार, जयराम माझी, ज्योति कुमारी, ज्ञानती कुमारी, राकेश सिंह, आरती कुमारी आदि उपस्थित थे.

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प्रत्येक गांव से दो-दो वालंटियर होंगे शामिल

समर कैंप में प्रथम एजुकेशन फाऊंडेशन, पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग से सीआरपी, बीआरपी तथा विद्यालय के प्रधानाचार्यों को शामिल किया गया है. इनके माध्यम से प्रत्येक गांव में दो-दो वॉलिंटियर का चयन किया जा रहा है. वालंटियर गांव की शिक्षित बच्चे होंगे. जिनकी उम्र लगभग 18 वर्ष या उससे अधिक की होगी. जो प्रतिदिन डेढ़ से 2 घंटे का कैंप गांव के किसी वृक्ष के नीचे अथवा सामुदायिक भवन में आयोजित करेंगे. कैंप में मुख्य रूप से पांचवी और छठी कक्षा के बच्चों को शामिल करना है.

ऐप में अंकित होगा बेसलाइन और इंडलाइन टेस्ट

प्रथम टीम के द्वारा कमाल का कैंप नाम से एक ऐप बनाया गया है. इस ऐप में वालंटियर द्वारा बच्चों का बेसलाइन और इंडलाइन टेस्ट लेकर उनकी स्थिति को अंकित किया जाएगा.

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