Advertisements
Spread the love

सबर दंपति प्लास्टिक के नीचे रहने को मजबूर, सरकार से मदद की गुहार

Advertisements

रिपोर्टर – अभिजीत सेन

जमशेदपुर/पोटका । पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत टांगराईन पंचायत के सबर टोला में आदिम जनजाति के कई परिवार अब भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इसी टोला के लूडूं सबर और उनकी पत्नी गुरुवारी सबर पिछले कई दिनों से प्लास्टिक की छावनी के नीचे रहने को मजबूर हैं।

गुरुवारी सबर ने बताया कि पहले वे अपने पति लूडूं सबर और दो पुत्र आकाश तथा बदल के साथ पुराने कच्चे मकान में रहते थे। लेकिन बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण घर की छावनी में लगा चादर पूरी तरह जंग लगकर टूट गया। इससे घर में रहना असंभव हो गया और परिवार को खुले स्थान पर पुराने कंबलों का घेरे बनाकर, ऊपर में प्लास्टिक डालकर रहने की विवशता हुई।

अब जब ठंड लगातार बढ़ रही है, तो यह अस्थायी आश्रय उनके लिए और भी कठिनाई का कारण बन गया है।
लूडूं सबर दंपति ने सरकार से तुरंत छावनी (चादर) की व्यवस्था करने की मांग की है ताकि वे ठंड से बच सकें और अपने पुराने घर में फिर से रह सकें।

यह घटना एक बार फिर से यह सवाल खड़ा करती है कि आदिम जनजातियों के पुनर्वास और बुनियादी जरूरतों की योजनाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी हैं।

 

You missed