
अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर कुकडू में विकलांग संरक्षण समिति का वार्षिक सम्मेलन संपन्न 500 दिव्यांगजनों के बीच आजसू नेता हरे लाल महतो ने किया कंबल वितरण


चांडिल : अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर कुकडू हाट तोला में विकलांग संरक्षण समिति द्वारा वार्षिक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरे लाल महतो शामिल हुए। साथ ही पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष एवं आजसू केंद्रीय सचिव अशोक साव उर्फ़ माझी साव, समिति के अध्यक्ष अरुनेन्द्र नारायण सिन्हा, पूर्व शिक्षक वैद्यनाथ महतो, आजसू प्रखंड अध्यक्ष अरुण महतो, बादल महतो, सुनील महतो, बांकीम महतो और कृष्णा पोद्दार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत समिति द्वारा मुख्यमंत्री के नाम अंचलाधिकारी के माध्यम से मांगपत्र सौंपने से हुई, जिसमें दिव्यांगजन हित से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव और मांगें शामिल थीं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि हरे लाल महतो ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न और सम्मानित हिस्सा हैं, लेकिन झारखंड सरकार द्वारा उन्हें समुचित सुविधाएं और अधिकार उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जो अत्यंत चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन सामान्य व्यक्तियों की तुलना में अधिक संरक्षण और सहयोग के हकदार हैं।
उन्होंने उपस्थित दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपनी शारीरिक चुनौतियों को कभी भी कमजोरी न समझें, बल्कि दृढ़ निश्चय और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ समाज में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। उन्होंने राज्य सरकार से दिव्यांग पेंशन बढ़ाकर प्रतिमाह 5,000 रुपये करने की भी मांग की। मौके पर अशोक साव उर्फ़ माझी साव ने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज की ताकत हैं और उनका सम्मान करना मानवता का मूल सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि बेसहारा, जरूरतमंद और विशेष जरूरतों वाले नागरिकों की सहायता करना सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे सभी वर्गों को मिलकर निभाना चाहिए।
500 दिव्यांगजनों के बीच कंबल वितरण
अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के उपलक्ष्य में बढ़ती ठंड को देखते हुए हरे लाल महतो ने निजी स्तर से करीब 500 दिव्यांगजनों के बीच कंबल का वितरण किया। उन्होंने कहा कि कठिन मौसम में दिव्यांगजन सबसे अधिक चुनौतियों का सामना करते हैं, ऐसे में कंबल वितरण से उन्हें राहत मिलेगी। कार्यक्रम स्थल पर कंबल प्राप्त करते ही दिव्यांगजन भावुक और उत्साहित नजर आए।सम्मेलन के दौरान पूरे परिसर में सेवा, संवेदनशीलता और सहयोग का भाव देखने को मिला। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, उनके परिजन और ग्रामीण शामिल रहे।

