
दुमका संवाददाता,मौसम गुप्ता

डालसा ने पोक्सो एक्ट पर कार्यशाला आयोजित की, पीड़िता को न्याय और मुआवजा दिलाने पर दिया गया जोर
न्याय सदन में डिस्ट्रिक्ट लेवल मल्टी स्टेक होल्डर कंसल्टेशन कार्यक्रम संपन्न, न्यायिक अधिकारियों ने की शिरकत
दुमका डालसा (रांची) के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष श्री सुधांशु कुमार शशि के आदेशानुसार आज न्याय सदन में ‘पॉक्सो (POCSO) एक्ट’ पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस ‘डिस्ट्रिक्ट लेवल मल्टी स्टेक होल्डर कंसल्टेशन’ कार्यक्रम का उद्घाटन पीडीजे सुधांशु कुमार शशि, जिला जज प्रथम प्रकाश झा, जिला जज द्वितीय योगेश कुमार सिंह, जिला जज तृतीय राजेश कुमार सिन्हा, डालसा सचिव उत्तम सागर राणा तथा अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
केस फ्रेमिंग और मुआवजे पर विशेष चर्चा कार्यशाला में वक्ताओं ने पॉक्सो एक्ट (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया गया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 2012 में लागू इस कानून में बाल यौन शोषण, उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी के खिलाफ कड़े प्रावधान हैं।
कार्यशाला का मुख्य केंद्र बिंदु “पीड़िता को न्याय दिलाना” रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए केस को किस तरह बारीकी से फ्रेम किया जाना चाहिए। इसके अलावा, पीड़ित को सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा (Victim Compensation) दिलाने की प्रक्रियाओं पर भी जोर दिया गया।
ओपन सेशन में सुलझाई गई शंकाएं कार्यक्रम के अंतिम चरण में एक ‘ओपन सेशन’ रखा गया। इसमें पोक्सो एक्ट के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक बाधाओं और कार्यप्रणाली पर चर्चा की गई, जिससे जांच अधिकारियों और स्टेक होल्डर्स की शंकाओं का समाधान हो सके।
ये रहे उपस्थित इस मौके पर दुमका न्यायालय के सभी न्यायिक दंडाधिकारी, सभी थानो के थाना प्रतिनिधि बाल कल्याण समिति (CWC) के अधिकारी, ग्राम ज्योति के सदस्य, संप्रेषण गृह के गृहपति , एलएडीसी (LADC) मुख्य रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन सहायक एलएडीसी अंकित कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन और समापन डालसा सचिव उत्तम सागर राणा ने किया।
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