देवस्नान पूर्णिमा पर “जय जगन्नाथ, जय जय जगन्नाथ” के जयकारे के बीच 108 कलशों के पवित्र जल से हुआ महाप्रभु का स्नान; भक्तों ने नयनाभिराम दर्शन कर की पूजा अर्चना, भोग में खीर खिचड़ी के साथ खट्टे आमड़े की सब्जी खाकर महाप्रभु को आया बुखार, स्वास्थ्य लाभ के लिए महाप्रभु गए अन्नसर गृह में…..
सरायकेला-खरसावां (संजय मिश्रा) जगन्नाथ धाम पुरी के तर्ज पर सरायकेला में आयोजित होने वाले महाप्रभु श्री जगन्नाथ के पूजा आराधना…
