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घाटशिला : घाटशिला विधानसभा चुनाव में पहली बार प्रत्याशी एक लाख से ज्यादा मतदान हासिल किया।

दीपक नाग… ✍️

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घाटशिला विधानसभा के उपचुनाव में पहली बार किसी प्रत्याशी ने 1,04,794 वोट प्राप्त करते हुए रिकार्ड मतों से जीत हासिल किया। यह और कोई नहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा के युवा उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन ने रिकार्ड मतों से जीत हासिल कर फिर से घाटशिला विधानसभा में झामुमो का परचम लहराया।

मां के प्यार, पिता का आशीर्वाद और समर्थकों का सार्थक प्रयास ने चुनावी रुपी समुद्र से सोमेश को सुरक्षित पार लगाया और झारखंड विधानसभा जाने का रास्ता प्रशस्त और आसान बनाया ।

आज मतगणना के पहले ही राउंड से सोमेश अपने निकटतम भाजपा के प्रतिद्वंद्वी बाबूलाल सोरेन से बढ़त बना कर आगे निकल गया। बीस राऊंड की मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया । प्रत्येक राऊंड की गणना के बाद यह बढ़त बढ़ते ही चला गया। सोलहवां राऊंड तक सोमेश अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बाबूलाल से 31,300 मतों से बढ़त बना ली थी। बाकी बचे चार मतगणना राऊंड में इस दुरी को तय करना किसी के लिए संभव नहीं था। जाहिर है झामुमो के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई तो भाजपा के खेमे में मायूसी झलकने लगी।

बता दूं कि, इस उपचुनाव में कुल 13 प्रत्याशी चुनावी रणभूमि में अपना भाग्य आजमा रहे थें। जिसमें 5 राजनीतिक दल और 8 स्वतंत्र लड़ रहे थें । 11 नवंबर मतदान के दिन कुल 1,91,318 हुई थी। जिसमें NOTA में 2768 मत पढ़ा। झामुमो सोमेश चंद्र सोरेन के खाते 1,04,794 मत, भाजपा बाबूलाल सोरेन के खाते में 66,270 मत, जेएलकेएम रामदास मुर्मू के खाते में 11542 मत और NOTA में 2768 मत पढ़ा। बाकी के 9 प्रत्याशीयों में से किसी ने भी NOTA के मत संख्या को छु न सका।

 एक साल पहले घाटशिला विधानसभा का 13 नवंबर 2024 को हुई झारखंड विधानसभा चुनाव पर नजर डालें तो पिछले चुनाव से इस बार झामुमो के खाते में 6,438 मतों का इजाफा हुई है। भाजपा के लिए देखें तो पिछले चुनाव से इस बार 9,640 मतों का नुक़सान हुई है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रान्तिकारी मोर्चा (JLKM) का बात करूं तो 3450 मतों का फायदा हुईं है। NOTA में इस बार पिछले बार से 100 मत कम पड़ा है। गहराई से सोचें तो NOTA में इतना मत पढ़ना राजनीतिक गलियारों के लिए शुभ संकेत नहीं है। 

बहरहाल, इधर विधानसभा सभा चुनाव जीतने के बाद चुनाव पदाधिकारी से नव निर्वाचित विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने विधायक बने जाने की सर्टिफिकेट ग्रहण किया। इस पद को ग्रहण करते ही सोमेश चंद्र सोरेन के कांधे में जहां विधानसभा के भला-बुरा सारे जिम्मेदारी आ गई। वहीं चुनावी तपिश आज खत्म होने से सरकारी तंत्रों ने राहत की सांसें ली।

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